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<title>Swarajya Times &#45; : लाइफस्टाइल</title>
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<description>Swarajya Times &#45; : लाइफस्टाइल</description>
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<dc:rights>Crafted with ❤️ Digital Innovation | Copyright © 2024 Swarajya Times</dc:rights>

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<title>क्या आज हड़ताल पर हैं Swiggy&#45;Zomato delivery boys? जानिए क्या है अभी तक की स्थिति</title>
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<description><![CDATA[ Zomato-Swiggy Delivery partner Strike- 31 दिसंबर की शाम को जब पूरा शहर जश्न में डूबा होगा, तब मोबाइल स्क्रीन पर &#039;डिलीवरी नॉट अवेलेबल&#039; का संदेश आपकी पूरी प्लानिंग और पार्टी को बर्बाद कर सकता है. ऐसा होने की आशंका इसलिए बन रही है क्‍योंकि 31 दिसंबर की शाम को जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट जैसे ई-कॉमर्स का सामान पहुंचाने वाले डिलीवरी पार्टनर्स ने हड़ताल पर जाने का ऐलान कर रखा है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 13:51:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>ST Desk</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>साल 2025 को विदा करने और 2026 का स्वागत करने की तैयारी में अगर आप यह सोचकर बैठे हैं कि पार्टी का सामान, खाना और ड्रिंक्स आखिरी मिनट पर ‘क्विक कॉमर्स’ या ‘फूड डिलीवरी’ ऐप्स से मंगा लेंगे तो आप बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि नव वर्ष की पूर्व संध्‍या यानी न्यू ईयर ईव पर डिलीवरी वर्कर्स यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है. यह हड़ताल वेतन में पारदर्शिता की कमी, बिना बताए वर्कर आईडी ब्लॉक किए जाने और ’10-मिनट डिलीवरी मॉडल’ के विरोध में बुलाई गई है. हाल ही में क्रिसमस पर भी डिलीवरी वर्कर्स ने हड़ताल की थी जिसमें करीब 50,000 डिलीवरी पार्टनर्स ने भाग लिया था. इससे गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में दोपहर और शाम के दौरान स्विगी और जोमैटो की डिलीवरी प्रभावित हुई थी. आज दोपहर बाद डिलीवरी पार्टनर्स हड़ताल पर रहेंगे. अभी स्थिति सामान्‍य है.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>यह हड़ताल तेलंगाना स्थित तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और कर्नाटक स्थित इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट (IFAT) वर्कर्स यूनियन द्वारा बुलाई गई हैं, जिन्हें दिल्ली स्थित गिग वर्कर्स एसोसिएशन (GiGWA) का समर्थन मिला है. TGPWU के अध्यक्ष शेख सलाहुद्दीन के मुताबिक, बुधवार को होने वाली हड़ताल में करीब 1.5 लाख वर्कर्स के शामिल होने की उम्मीद है. सरकारी अनुमानों के अनुसार, देश में गिग वर्कर्स की संख्या 1 करोड़ से अधिक है.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि कंपनियां ’10-मिनट डिलीवरी’ के चक्कर में उनकी जान जोखिम में डाल रही हैं. ईस्ट ऑफ कैलाश में काम करने वाले एक एजेंट ने बताया कि अगर डिलीवरी में एक सेकंड भी लेट हो जाएं, तो पूरे दिन का इंसेंटिव काट लिया जाता है. इसलिए रेड लाइट जंप करनी पड़ती है और कोहरे में भी तेज गाड़ी चलानी पड़ती है. वेतन को लेकर भी भारी असंतोष है. पहले जहाँ पिक-अप और डिलीवरी की सीमा 2 किलोमीटर होती थी, अब उसे बढ़ाकर 5 किलोमीटर कर दिया गया है, लेकिन भुगतान कम हो गया है.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>गुरुग्राम के एक एजेंट के मुताबिक, पहले 25 डिलीवरी पर जो इंसेंटिव मिलता था, अब वह 34 डिलीवरी पूरी करने पर मिलता है. 13-15 घंटे की हाड़तोड़ मेहनत के बाद पेट्रोल और बाइक का खर्चा काटकर उनके हाथ में केवल 300-400 रुपये ही बचते हैं.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} --></p>
<h3 class="wp-block-heading">रेस्टोरेंट्स और ग्राहकों के लिए ‘अलर्ट’</h3>
<p><!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p></p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष प्रणव रुंगटा का कहना है कि वे जोमैटो और स्विगी के संपर्क में हैं. हड़ताल की स्थिति को लेकर औपचारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं. 25 दिसंबर को NCR खासकर गुरुग्राम में कारोबार प्रभावित हुआ था. राइडर्स समझदार हैं, वे जानते हैं कि कौन-सी तारीखें सबसे ज्यादा असर डालेंगी. रेस्टोरेंट्स की मुख्य चिंता कारोबार पर असर के साथ-साथ खाने की बर्बादी को लेकर भी है, और ग्राहकों को होने वाली असुविधा भी एक बड़ा मुद्दा है.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>रेस्टोरेंट मालिकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर डिलीवरी बॉय नहीं आए, तो तैयार किया गया खाना बर्बाद हो जाएगा और ग्राहकों को भारी असुविधा होगी. 25 दिसंबर (क्रिसमस) को भी NCR में भारी असर देखा गया था, लेकिन इस बार राइडर्स ने सबसे ज्यादा असर डालने वाली तारीख यानी 31 दिसंबर को चुना है.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पहली बार चांदी 2 लाख पार, एक साल में भाव दोगुने, सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-2-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0</link>
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<description><![CDATA[ आज सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन चांदी की कीमत में फिर से उछाल आया है। चांदी की कीमत 206111 हो गई है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 17 Dec 2025 17:26:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ST Desk</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>चांदी आज यानी 17 दिसंबर को पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के पार निकल गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत 8,775 रुपए बढ़कर 2,00,750 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 1,91,977 रुपए पर थी।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:paragraph --></p>
<p>18 मार्च को चांदी पहली बार 1 लाख रुपए पर पहुंची थी। यानी चांदी को 1 लाख से 2 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने में सिर्फ 9 महीने का समय लगा। जबकि इसे 50 हजार से 1 लाख रुपए तक पहुंचने में 14 साल लगे थे। मौजूदा कीमत के साथ चांदी अब ऑल-टाइम हाई पर है</p>
<p></p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>चांदी में तेजी के 4 बड़े कारण</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:list {"ordered":true} --></p>
<ol><!-- wp:list-item -->
<li><strong>इंडस्ट्रियल डिमांड –</strong>  सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।</li>
<!-- /wp:list-item --><!-- wp:list-item -->
<li><strong>ट्रंप का टैरिफ डर –</strong>  अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।</li>
<!-- /wp:list-item --><!-- wp:list-item -->
<li><strong>मैन्युफैक्चरर होड़ में –</strong>  प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।</li>
<!-- /wp:list-item --><!-- wp:list-item -->
<li><strong>चांदी में निवेश बढ़ रहा: </strong> निवेशक सिल्वर ETF के जरिए चांदी में निवेश कर रहे हैं। इससे चांदी की डिमांड बढ़ रही है।</li>
<!-- /wp:list-item --></ol>
<p></p>
<p><!-- /wp:list --><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>सोना 936 रुपए बढ़कर 1.32 लाख रुपए पहुंचा</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:paragraph --></p>
<p>आज 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना भी 936 रुपए बढ़कर 1,32,713 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये कल यानी, 16 दिसंबर को 1,31,777 रुपए पर था। वहीं सोने ने 15 दिसंबर को 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।</p>
<p></p>
<p></p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>इस साल सोना ₹56,551 और चांदी ₹1,14,733 महंगी हुई</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --><!-- wp:list --></p>
<ul><!-- wp:list-item -->
<li>इस साल अब तक सोने की कीमत 56,551 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,32,713 रुपए हो गया है।</li>
<!-- /wp:list-item --><!-- wp:list-item -->
<li>चांदी का भाव भी इस दौरान 1,14,733 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,00,750 रुपए प्रति किलो हो गई है।</li>
<!-- /wp:list-item --><!-- wp:list-item -->
<li> </li>
<!-- /wp:list-item --></ul>
<p><!-- /wp:list --></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सोना ₹1.33 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर: सोना ₹1.33 लाख के ऑलटाइम हाई पर, चांदी ₹2,958 गिरी</title>
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<description><![CDATA[ सोने-चांदी की कीमत रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. सोना अपने ऑल टाइम हाई की सीमा को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना चुका है. चांदी की कीमत अपने पहली बार 2 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 16:24:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>ST Desk</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>सोने-चांदी की कीमत रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. सोना अपने ऑल टाइम हाई की सीमा को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना चुका है. चांदी की कीमत अपने पहली बार 2 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई है. सोने-चांदी की इस ब्रेक फेल कीमत ने जहां खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं एक्सपर्ट को इसे खतरे की घंटी मान रहे हैं.</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>सोना के दाम में आज यानी 15 दिसंबर को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत 732 रुपए बढ़कर 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। इससे पहले ये 1,32,710 रुपए पर था।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>वहीं, चांदी के दाम में आज गिरावट है। 2,958 रुपए गिरकर 1,92,222 रुपए किलो हो गई है। इससे पहले ये 1,95,180 रुपए पर थी। ये इसका ऑल टाइम हाई भी है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p>IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>इस साल सोना ₹57,280 और चांदी ₹1,06,205 महंगी हुई</strong><strong></strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:list --></p>
<ul><!-- wp:list-item -->
<li>इस साल अब तक सोने की कीमत 57,280 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,33,442 रुपए हो गया है।</li>
<!-- /wp:list-item --> <!-- wp:list-item -->
<li>चांदी का भाव भी इस दौरान 1,06,205 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,92,222 रुपए प्रति किलो हो गई है।</li>
<!-- /wp:list-item --></ul>
<p><!-- /wp:list --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>गोल्ड में तेजी के 2 प्रमुख कारण</strong><strong></strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:list --></p>
<ul><!-- wp:list-item -->
<li><strong>जियोपॉलिटिकल –</strong> रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।</li>
<!-- /wp:list-item --> <!-- wp:list-item -->
<li><strong>रिजर्व बैंक – </strong>चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।</li>
<!-- /wp:list-item --></ul>
<p><!-- /wp:list --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान</strong><strong></strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: </strong>हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>2. कीमत क्रॉस चेक करें: </strong>सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सुशी सक्सेना की नई पुस्तक प्रकाशित: &amp;quot; ऐ साहिब! दिल की गहराइयों से</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/sushi-saxena-s-new-book-published-o-sahib-from-the-depths-of-the-heart</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रसिद्ध कवियत्री सुशी सक्सेना इंदौर मध्यप्रदेश द्वारा लिखित एक नई पुस्तक &quot;ऐ साहिब! दिल की गहराइयों से&quot; प्रकाशित हुई है, जिसमें शायरी, प्यार, जिंदगी और प्रेरणा से भरी कविताएं शामिल हैं। यह पुस्तक कवियत्री के दिल की गहराइयों से निकली भावनाओं का एक संग्रह है ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Oct 2025 07:07:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Digital Desk</dc:creator>
<media:keywords>सुशी सक्सेना, Sushi Saxena</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सुप्रसिद्ध कवियत्री सुशी सक्सेना इंदौर मध्यप्रदेश द्वारा लिखित एक नई पुस्तक "ऐ साहिब! दिल की गहराइयों से" प्रकाशित हुई है, जिसमें शायरी, प्यार, जिंदगी और प्रेरणा से भरी कविताएं शामिल हैं। यह पुस्तक कवियत्री के दिल की गहराइयों से निकली भावनाओं का एक संग्रह है, जो पाठकों को प्रेरित और प्रभावित करने की क्षमता रखती है। इस पुस्तक में शामिल कविताएं दिल को छू लेने वाली और भावपूर्ण हैं। कवियत्री ने अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में पिरोया है, जो पाठकों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करते हैं। </p>
<p>सुशी सक्सेना साहित्य की हर विधा में उतनी ही सहजता से लिखती हैं कि, आप बस उनके शब्दों के पीछे भावनाओं का जो प्रवाह है उसमें बहते चले जाते हैं। यही शक्ति है एक उच्चस्तरीय बहुमुखी व्यक्तित्व की कि अपनी रचनाओं के माध्यम से आपको अपने प्रश्नों के उत्तर भी मिल जाते हैं और कभी एक नया दृष्टिकोण भी मिल जाता है।</p>
<p>सुशी सक्सेना जी की यह रचनाएं आपको उम्मीदों का दमन थामना सिखाती हैं। तो कभी हौसलों की उड़ान पर ले जाती है कि, अपनी समस्याओं से बाहर निकलो तो सारा आसमान तुम्हारा ही है। जीवन में आनेवाली परिस्थितियां हर किसी को विचलित करती हैं पर फीनिक्स की तरह उनसे ऊपर उठकर स्वयं को एक नया रूप, एक नया रंग देना, यह हमें खुद ही करना होता है, यह सुंदर संदेश देती हैं सुशी सक्सेना जी की रचनाएं।</p>
<p>सुशी सक्सेना एक प्रतिभाशाली कवियत्री हैं, जिन्होंने अपनी कविताओं से पाठकों के दिलों में जगह बनाई है। उनकी कविताएं भावपूर्ण और प्रेरणादायक हैं। "ऐ साहिब! दिल की गहराइयों से" पुस्तक का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण घटना है, जो कविता प्रेमियों और प्रेरणा की तलाश करने वालों के लिए एक उपहार है।  कविताएं सरल और समझने योग्य भाषा में लिखी गई हैं। सुशी सक्सेना की यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों के दिलों को छू जाएगी और उन्हें प्रेरित करेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक पहचान: डॉ. योगेन्द्र पुरोहित को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने गौरव को स्थापित किया है। सुप्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. योगेन्द्र पुरोहित को दुबई में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में “ग्लोबल आइकॉनिक अचीवर अवॉर्ड 2025” से नवाजा गया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 May 2025 06:57:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Digital Desk</dc:creator>
<media:keywords>Dr. Yogendra Purohit, Global Iconic Achiever Award 2025, Detox therapy in India, International healthcare excellence, Dubai medical awards</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुबई  : </strong>भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने गौरव को स्थापित किया है। सुप्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. योगेन्द्र पुरोहित को दुबई में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में “ग्लोबल आइकॉनिक अचीवर अवॉर्ड 2025” से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें चिकित्सा और डिटॉक्स के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान और समाज के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण के लिए प्रदान किया गया।</p>
<p>यह समारोह दुबई के प्रतिष्ठित Atlantis The Palm होटल में आयोजित हुआ, जिसमें विश्व भर से आए कई देशों के विशिष्ट जनों, वैज्ञानिकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने भाग लिया। इस अवॉर्ड समारोह का आयोजन अमेरिका की इंटरनेशनल काउंसिल फॉर एक्सीलेंस इन हेल्थकेयर और अमेरिका की सिडरब्रुक यूनिवर्सिटी  के द्वारा किया गया, जो वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता के मानकों को पहचानता है।</p>
<p>डॉ. योगेन्द्र पुरोहित को यह सम्मान उनके द्वारा वर्षों से डिटॉक्स के क्षेत्र में की गई नई खोजों, जनमानस के लिए चलाई गई स्वास्थ्य जागरूकता मुहिमों और भारत, दुबई  में किए गए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मिला है। उन्हें मंच पर ‘मानद डॉक्टर ऑफ साइंस’ (Honorary Doctor of Science) की उपाधि से भी विभूषित किया गया।</p>
<p>सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. पुरोहित ने कहा, “यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी रोगियों का है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया। मैं इस सम्मान को अपने देश, अपने परिवार, और अपनी चिकित्सा टीम को समर्पित करता हूँ।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि उनका उद्देश्य हर व्यक्ति तक सस्ती, सरल और प्रभावी चिकित्सा के क्षेत्र में डिटॉक्स सेवाएं पहुँचाना है, जिस से रोगी बिना ओषधि के स्वस्थ हो सके ।</p>
<p>इस अवसर पर भारत के कई गणमान्य अतिथियों ने डॉ. पुरोहित को बधाई संदेश भेजे और कहा कि यह सम्मान भारत के लिए गर्व का क्षण है। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान में लाखों लोगों ने शुभकामनाएं भेजीं।</p>
<p>डॉ. योगेन्द्र पुरोहित का यह सम्मान युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि समर्पण, सेवा भावना और मेहनत से विश्व के किसी भी कोने में भारत का परचम लहराया जा सकता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वस्थ दिल और दिमाग के लिए रामबाण है मस्तिष्क जैसा दिखने वाला यह ड्राई फ्रूट</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/this-dry-fruit-that-looks-like-a-brain-is-a-panacea-for-a-healthy-heart-and-brain</link>
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<description><![CDATA[ स्वस्थ जीवन के लिए आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सही खान-पान रखना बेहद जरूरी है। जब वयस्कों को व्यस्त दिनचर्या में अपना ख्याल खुद रखना पड़ता है। ऐसे समय में डाइट में ड्राई फ्रूट्स की भूमिका और भी बढ़ जाती है। इसी में अखरोट आता है, जो कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है।हरदोई के शतायु आयुर्वेद एवं पंचकर्म केंद्र के डॉ. अमित कुमार ने आईएएनएस को अखरोट के सेवन से स्वास्थ्य को होने वाले कई तरह के लाभों और गुणकारी तत्वों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके पर्याप्त मात्रा में नियमित सेवन से कई तरह से स्वास्थ्य लाभ हैं।दिमाग की संरचना जैसा दिखने वाला अखरोट दिमाग के सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 06:56:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : </strong>स्वस्थ जीवन के लिए आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सही खान-पान रखना बेहद जरूरी है। जब वयस्कों को व्यस्त दिनचर्या में अपना ख्याल खुद रखना पड़ता है। ऐसे समय में डाइट में ड्राई फ्रूट्स की भूमिका और भी बढ़ जाती है। इसी में अखरोट आता है, जो कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है।</p>
<p>हरदोई के शतायु आयुर्वेद एवं पंचकर्म केंद्र के डॉ. अमित कुमार ने आईएएनएस को अखरोट के सेवन से स्वास्थ्य को होने वाले कई तरह के लाभों और गुणकारी तत्वों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके पर्याप्त मात्रा में नियमित सेवन से कई तरह से स्वास्थ्य लाभ हैं।</p>
<p>दिमाग की संरचना जैसा दिखने वाला अखरोट दिमाग के सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग के सेल्स को नुकसान से बचाते हैं। साथ ही याददाश्त को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इसके अलावा अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों में भी यह सहायक होता है।</p>
<p>अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स दिल की बीमारियों में सहायक होता है।</p>
<p>अखरोट में पर्याप्त में मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है जिसके कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और जल्दी भूख नहीं लगती है। ऐसे में वजन कम करने में भी अखरोट सहायक होता है। पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने के कारण पाचन को सही रखने में भी अखरोट बेहद सहायक है। कब्ज की समस्या में भी अखरोट बेहद लाभकारी होता है। इसके सेवन के बाद भरपूर मात्रा में पानी पीना काफी जरूरी होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। वहीं, झुर्रियों और धब्बे में को हटाने में भी मदद करता है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>‘पेटीकोट’ कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं, कैसे करें बचाव</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/what-are-the-initial-symptoms-of-petticoat-cancer-how-to-prevent-it</link>
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<description><![CDATA[ महिलाओं में यूं तो आपने ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बारे में सुना होगा। लेकिन, महिलाएं ‘पेटीकोट’ कैंसर की चपेट में भी आ रही हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की केस स्टडी में यह खुलासा हुआ है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 16 Nov 2024 07:10:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Digital Desk</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : </strong>महिलाओं में यूं तो आपने ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बारे में सुना होगा। लेकिन, महिलाएं ‘पेटीकोट’ कैंसर की चपेट में भी आ रही हैं।</p>
<p>ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की केस स्टडी में यह खुलासा हुआ है। स्टडी में भारतीय दो महिलाओं में ‘पेटीकोट’ कैंसर पाया गया है। स्टडी में कहा गया है कि पेटीकोट कैंसर का खतरा उन महिलाओं में ज्यादा रहता है जो कमर पर पेटीकोट को कसकर बांधती हैं। इससे लंबे समय तक स्किन पर ज्यादा दबाव बना रहता है। इससे जलन पैदा होती है और अल्सर भी हो सकता है। ज्यादा तंग कपड़े पहनने से यह ठीक नहीं हो पाता है और आगे चलकर अल्सर घातक घाव के रूप में परिवर्तित हो जाता है। यह घाव आगे चलकर पेटीकोट कैंसर का रूप लेता है। चलिए जानते हैं कि पेटीकोट कैंसर कैसे होता है और इसके लक्षण क्या हैं।</p>
<p>जिन दो महिलाओं में पेटीकोट कैंसर की शिकायत आई हैं। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार कमर पर टाइट रूप से पेटीकोट बांधने से लगातार घर्षण होता है। जिससे त्‍वचा में सूजन आ सकती है। कई बार ऐसे में छाले हो सकते हैं और कुछ मामलों में त्वचा कैंसर भी हो सकता है।</p>
<p>पेटीकोट कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानना बेहद जरूरी है क्योंकि, अगर इसके लक्षण पता चल जाएं तो इलाज शुरू किया जा सकता है। इस कैंसर के शुरुआती लक्षण के अनुसार, कमर पर काला निशान हो जाता है। कमर की सतह मोटी हो जाती है। काले-काले धब्बे हो जाते हैं। अगर इस तरह के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत डॉक्टरों से परामर्श लेना चाहिए।</p>
<p>पेटीकोट कैंसर से बचाव के लिए पेटीकोट को कमर पर टाइट से न बांधे। पेटीकोट का कपड़ा मुलायम रखें। अगर साड़ी पहनी है तो उसकी गांठ ज्यादा टाइट न रखें और रखी है उसे बदलते भी रहें। कमर की त्वचा पर ध्यान दें। वजन को मेनटेन करके रखें। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक व्यायाम जरूर करें।</p>
<p>बता दें कि स्टडी के अनुसार स्किन कैंसर किसी को भी हो सकता है। हालांकि, पुरुषों की तुलना में स्किन कैंसर महिलाओं में ज्यादा होने की संभावना रहती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>ये होते हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण, दिखते ही फौरन लें डॉक्टर से परामर्श</title>
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<description><![CDATA[ कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही रूह कांप जाती है और भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि कभी किसी को इसकी चपेट में न आना पड़े। पिछले कुछ दशकों में देखा गया है कि यह बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। जहां कुछ लोग कैंसर की जंग हार जाते हैं, ]]></description>
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<pubDate>Fri, 08 Nov 2024 06:59:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Digital Desk</dc:creator>
<media:keywords>cancer symptoms, early cancer diagnosis, types of cancer, cancer treatment options, cancer awareness</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> कैंसर का नाम सुनते ही दिल दहल जाता है, लेकिन यदि समय पर इसके शुरुआती लक्षण पहचान लिए जाएं, तो इसका इलाज संभव है। पिछले कुछ दशकों में कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। फोर्टिस अस्पताल के अतिरिक्त निदेशक एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी के प्रमुख डॉ. सुहैल क़ुरैशी का कहना है कि कैंसर का इलाज तभी प्रभावी होता है जब इसे शुरुआती चरण में पहचान लिया जाए।</p>
<h3>कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचानें</h3>
<p>डॉ. सुहैल क़ुरैशी बताते हैं कि अलग-अलग प्रकार के कैंसर के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ दिखाई दे, निपल से किसी प्रकार का डिस्चार्ज हो, या निपल का रंग लाल हो जाए, तो ये ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।"</p>
<p>फूड पाइप कैंसर के लक्षणों में अक्सर खाना निगलने में कठिनाई, खून की उल्टी, वजन कम होना और भूख न लगना शामिल हैं। इसी प्रकार, पेट के कैंसर में उल्टी, पेट दर्द और सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।</p>
<h3>शरीर में किसी भी गांठ को न करें नजरअंदाज</h3>
<p>डॉ. कुरैशी ने जोर देते हुए कहा कि "शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक गांठ का बनना, बिना कारण वजन का घट जाना, या त्वचा पर घाव का लंबे समय तक न भरना, ये सभी कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण दूसरी बीमारियों के भी हो सकते हैं, इसलिए बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।"</p>
<h3>कैंसर के प्रकार और उपचार</h3>
<p>कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जैसे ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, ब्लड कैंसर आदि। कुछ कैंसर तेजी से फैलते हैं, जबकि कुछ धीमी गति से। डॉ. क़ुरैशी के अनुसार, "कुछ कैंसर का इलाज ऑरल टेबलेट्स से किया जा सकता है, जबकि कुछ के लिए कीमोथेरेपी और सर्जरी की जरूरत पड़ती है।"</p>
<h3>जीवनशैली में बदलाव से कैंसर से बचाव</h3>
<p>कैंसर से बचने के लिए डॉ. क़ुरैशी ने सलाह दी कि हमें धूम्रपान, अल्कोहल और पान मसाला जैसी आदतों से दूर रहना चाहिए। साथ ही, नियमित रूप से पोषणयुक्त आहार का सेवन और नियमित स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए।</p>
<h3>कैंसर की दोबारा संभावना</h3>
<p>क्या कैंसर के मरीज को ठीक होने के बाद दोबारा कैंसर हो सकता है? इस पर उन्होंने कहा, "कुछ कैंसर बहुत ही आक्रामक होते हैं और दोबारा होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए, कैंसर से उबरने के बाद भी नियमित जांच कराते रहना जरूरी है।"</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>करवा चौथ : खरीदारी के लिए बाजारों में सुहागिनों की भीड़</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/karva-chauth-crowd-of-married-women-in-the-markets-for-shopping</link>
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<description><![CDATA[ रविवार को करवाचौथ का त्योहार है। इसमें सुहागन अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इसको लेकर खास तैयारी की जा रही है और प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। हाथों पर मेहंदी लगाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 20 Oct 2024 05:31:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>करवाचौथ, करवा चौथ, Karwa Chauth</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भीलवाड़ा : </strong>रविवार को करवाचौथ का त्योहार है। इसमें सुहागन अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इसको लेकर खास तैयारी की जा रही है और प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। हाथों पर मेहंदी लगाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं।</p>
<p>रविवार को सुहागन अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। दिन भर पर कठोर निर्जला व्रत रखने के बाद वो रात में चांद दिखने के बाद पूजा-अर्चना कर अपना व्रत खोलेंगी। इस त्योहार को लेकर बाजार भी गुलजार है। महिलाओं द्वारा खरीदारी करने के लिए भीलवाड़ा के आजाद चौक समेत कई प्रमुख बाजारों में भीड़ लग रही है।</p>
<p>करवा चौथ व्रत की तैयारी कर रही एक मह‍िला ने पत्रकारों को बताया कि सुहागिनों का सबसे बड़ा व्रत करवा चौथ कल मनाया जाएगा। इसके लिए महिलाएं बाजार के अंदर सामानों की खरीदारी कर रही हैं। कई जगहों पर महिलाओं को मेहंदी लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सुहागिन दिन भर कठोर व्रत रहेंगी और शाम के वक्त अच्छे से तैयार होकर चांद और पति को देखकर अपना व्रत खोलेंगी।</p>
<p>बता दें कि सेवा भारती भीलवाड़ा महानगर द्वारा आजाद चौक के रामलीला मंच पर सुहागिन महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगवाने की सुविधा रखी गई है। त्योहार को ध्यान में रखकर बाजार में विभिन्न प्रकार के छलनी और करवा चौथ किट लाए गए हैं। विशेष पूजा सामग्री और श्रृंगार सामग्री के साथ रेडीमेड गारमेंट्स, साड़‍ियां, ज्वैलरी तक की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ नजर आ रही है। सिल्क साड़ियों का डिमांड तेज हो गया है, इससे व्यापारी खुश हैं। इस बार करवा चौथ को लेकर करोड़ों रुपये के व्यापार का अनुमान लगाया जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>विटामिन और मिनरल्स से भरपूर सुपरफूड्स , जानिए इम्यूनिटी बूस्ट करने के बेहतरीन विकल्प</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/superfoods-rich-in-vitamins-and-minerals-know-the-best-options-to-boost-immunity</link>
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<description><![CDATA[ तेजी से बदलती जीवनशैली के कारण हमारे भोजन से महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं, जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कोविड-19 महामारी ने यह साबित कर दिया है कि हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Oct 2024 07:01:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>immune boosting foods, vitamin C sources, beta carotene benefits, green tea for immunity</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : </strong>तेजी से बदलती जीवनशैली के कारण हमारे भोजन से महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं, जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कोविड-19 महामारी ने यह साबित कर दिया है कि हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिए।</p>
<h3>विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ</h3>
<p>विटामिन सी इम्यूनिटी बूस्ट करने में सबसे प्रभावी तत्वों में से एक है। यह ब्रोकोली, संतरे, स्ट्रॉबेरी, कीवी और अंगूर जैसे फलों और सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन सी शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े :</strong> <a href="https://www.bharatupdatenews.com/why-is-it-important-to-consume-pumpkin-seeds-for-immunity-heart-and-gut-health"><strong><span style="color: rgb(186, 55, 42);">इम्युनिटी, दिल और गट हेल्थ के लिए कद्दू के बीज का सेवन क्यों जरूरी?</span></strong></a></p>
<h3>विटामिन ई और इसके स्रोत</h3>
<p>विटामिन ई एक और महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करता है। यह मेवे, बीज और हरी पत्तेदार सब्जियों में मिलता है। विटामिन ई शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत देने के साथ-साथ कोशिकाओं की मरम्मत में भी मदद करता है।</p>
<h3>बीटा-कैरोटीन युक्त खाद्य पदार्थ</h3>
<p>बीटा-कैरोटीन विटामिन ए में परिवर्तित होता है, जो शरीर में सूजन को कम करने और एंटीबॉडीज को वायरस से लड़ने में मदद करता है। यह गाजर, पालक, शकरकंद, खरबूजा और खुबानी जैसे फलों और सब्जियों में पाया जाता है।</p>
<h3>ग्रीन टी और विटामिन डी का महत्व</h3>
<p>ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। इसके साथ ही, विटामिन डी भी शरीर के लिए बेहद आवश्यक है, जो धूप, मछली और अंडे से प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े : <a href="https://www.bharatupdatenews.com/consumption-of-potatoes-during-fasting-know-how-many-calories-in-1-potato-and-its-health-benefits"><span style="color: rgb(186, 55, 42);">व्रत में आलू का सेवन: जानें 1 आलू में कितनी कैलोरी और इसके सेहत से जुड़े फायदे</span></a></strong></p>
<p>इन सभी सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर आप अपनी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इम्युनिटी, दिल और गट हेल्थ के लिए कद्दू के बीज का सेवन क्यों जरूरी?</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/why-is-it-important-to-consume-pumpkin-seeds-for-immunity-heart-and-gut-health</link>
<guid>https://www.swarajyatimes.in/why-is-it-important-to-consume-pumpkin-seeds-for-immunity-heart-and-gut-health</guid>
<description><![CDATA[ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है। लोगों की डाइट में बदलाव और फास्ट फूड की अधिकता के कारण शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में छोटे लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 04 Oct 2024 14:18:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>pumpkin seeds, heart health, bone strength, immune booster</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है। लोगों की डाइट में बदलाव और फास्ट फूड की अधिकता के कारण शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में छोटे लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कद्दू के बीज, जिन्हें <strong><em>Pumpkin Seeds</em></strong> के नाम से भी जाना जाता है, आपके स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।</p>
<h3>इम्युनिटी बूस्टर</h3>
<p>कद्दू के बीजों में <span style="color: rgb(186, 55, 42);"><em>विटामिन ई</em> </span>और <em>जिंक</em> जैसे <span style="color: rgb(186, 55, 42);">एंटीऑक्सीडेंट</span> भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है।</p>
<h3>कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत</h3>
<p><strong><em>Pumpkin Seeds</em></strong> में मौजूद <span style="color: rgb(186, 55, 42);">ओमेगा-3 फैटी एसिड</span> हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और दिल की सेहत को बेहतर बनाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े :</strong> <a href="https://www.bharatupdatenews.com/consumption-of-potatoes-during-fasting-know-how-many-calories-in-1-potato-and-its-health-benefits"><span style="color: rgb(186, 55, 42);"><strong>व्रत में आलू का सेवन: जानें 1 आलू में कितनी कैलोरी और इसके सेहत से जुड़े फायदे</strong></span></a></p>
<h3>हड्डियों के लिए गुणकारी</h3>
<p>कद्दू के बीज मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों की मजबूती बनाए रखने और घनत्व को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसका नियमित सेवन उम्र बढ़ने पर होने वाली हड्डियों की कमजोरी को भी कम करता है।</p>
<h3>गट हेल्थ और पाचन तंत्र</h3>
<p>कद्दू के बीजों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। फाइबर कब्ज को रोकने में मदद करता है और गट में गुड बैक्टीरिया को पोषण देकर आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।</p>
<h3>स्किन और बालों के लिए फायदेमंद</h3>
<p>अगर आप स्वस्थ और चमकदार बाल और स्किन चाहते हैं, तो कद्दू के बीज का सेवन करें। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक आपकी त्वचा को निखारते हैं और बालों को मजबूत और चमकदार बनाते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>व्रत में आलू का सेवन: जानें 1 आलू में कितनी कैलोरी और इसके सेहत से जुड़े फायदे</title>
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<description><![CDATA[ आलू को व्रत में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में गिना जाता है। चाहे वह आलू के चिप्स हों, फ्राई आलू हो, या फिर आलू की सब्जी हो, इस साधारण सी दिखने वाली सब्जी को हर रूप में पसंद किया जाता है। आलू न केवल सब्जियों का राजा माना जाता है, बल्कि यह कई पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 04 Oct 2024 14:11:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>potato benefits, potato calories, health benefits of potato, potato in fasting, health, Potato</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="artdec"><strong>How Many Calorie In One Potato:</strong> आलू को व्रत में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में गिना जाता है। चाहे वह आलू के चिप्स हों, फ्राई आलू हो, या फिर आलू की सब्जी हो, इस साधारण सी दिखने वाली सब्जी को हर रूप में पसंद किया जाता है। आलू न केवल सब्जियों का राजा माना जाता है, बल्कि यह कई पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। हालांकि, अक्सर इसे केवल मोटापे से जोड़कर देखा जाता है, क्योंकि लोगों का मानना है कि आलू खाने से वजन बढ़ सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि आलू में कितनी कैलोरी होती हैं और यह किन बीमारियों में फायदेमंद साबित हो सकता है।</p>
<h3>आलू में पाए जाने वाले विटामिन और मिनरल्स</h3>
<p>आलू में कई प्रकार के विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है पोटैशियम। 425 मिलीग्राम पोटैशियम के साथ, आलू में मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम, आयरन, ज़िंक, विटामिन B6, फोलेट और विटामिन C भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व शरीर को विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।</p>
<h3>1 आलू में कितनी कैलोरी होती हैं?</h3>
<p>यदि आप 100 ग्राम उबला हुआ आलू खाते हैं तो आपको लगभग 87 कैलोरी मिलती हैं। इसका मतलब है कि एक मध्यम आकार का आलू खाने से आपको लगभग 77 कैलोरी प्राप्त होती है, जो कि तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।</p>
<h3>बीमारियों में आलू के फायदे</h3>
<p>आलू का सेवन मुंह के छालों और पेट की सूजन जैसी समस्याओं में फायदेमंद साबित होता है। इसमें पाए जाने वाले फिनोलिक एसिड और जिंक जैसे एंटीऑक्सीडेंट छालों को ठंडा करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, आलू पेट के पीएच लेवल को बनाए रखने और ब्लोटिंग की समस्या को कम करने में भी सहायक होता है। वजन बढ़ाने के इच्छुक लोगों के लिए आलू एक अच्छा विकल्प हो सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सर्वाइकल पेन से युवा भी हो रहे हैं प्रभावित: गलत बैठने की आदत और लंबे स्क्रीन टाइम के कारण बढ़ रही समस्या</title>
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<description><![CDATA[ पहले सर्वाइकल पेन अधिक उम्र के लोगों को ही अपनी चपेट में लेता था, लेकिन अब यह युवाओं को भी तीव्र गति से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। खासकर दफ्तर में कुर्सी पर घंटों बैठकर काम करने वाले युवाओं के बीच यह बीमारी बड़े पैमाने पर देखने को मिल रही है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Sep 2024 14:08:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Purohit Aaryan</dc:creator>
<media:keywords>Cervical Pain, Neck Pain in Youth, Poor Posture, Screen Time Health Issues, सर्वाइकल पेन, युवाओं में गर्दन दर्द, खराब बैठने की अवस्था, स्क्रीन टाइम स्वास्थ्य समस्या</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> पहले सर्वाइकल पेन अधिक उम्र के लोगों को ही अपनी चपेट में लेता था, लेकिन अब यह युवाओं को भी तीव्र गति से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। खासकर दफ्तर में कुर्सी पर घंटों बैठकर काम करने वाले युवाओं के बीच यह बीमारी बड़े पैमाने पर देखने को मिल रही है। शरीर के किसी भी अंग का कोई भी दर्द पूरे शरीर को असंतुलित कर सकता है। ऐसे में सर्वाइकल पेन ने युवाओं का जीना मुहाल कर दिया है।</p>
<p>गर्दन में होने वाले दर्द को चिकित्सकीय भाषा में ‘सर्वाइकल पेन’ कहते हैं। घंटों बैठकर काम करने वाले लोगों में यह दर्द आमतौर पर देखा जाता है।</p>
<p>बात अगर इसके लक्षण की करें, तो शरीर में इसके कई लक्षण देखने को मिलते हैं। इसमें सबसे प्रमुख गर्दन में दर्द होना है। इस स्थिति में रुक-रुक कर गर्दन में दर्द होता है। कभी तेज तो कभी कम। इस वजह से कई युवाओं को अपनी दैनिक गतिविधियों को भी करने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>सर्वाइकल पेन में गर्दन में अकड़न देखने को भी मिलती है। गर्दन की अवस्था ऐसी हो जाती है कि उसे हिलाने में भी दिक्कत होती है। कभी-कभी तो गर्दन से शुरू होने वाले वाला दर्द उंगलियों तक पहुंच जाता है। यह दर्द इतना पीड़ादायी होता है कि इसे सहना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>सर्वाइकल पेन में हाथों में कमोजरी भी शुरू हो जाती है। इस वजह से दैनिक कार्यों को करने में भी दिक्कतें होतीं हैं। इससे मांसपेशियों में अनैच्छिक संकुचन होता है।</p>
<p>ये प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण महसूस करने के बाद मरीज को तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। लेकिन, अब जरा यह जान लेते हैं कि आखिर सर्वाइकल पेन होता क्यों है?</p>
<p>मांसपेशियों में खिंचाव, खराब अवस्था में बैठे रहने से, लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल चलाने से, पर्याप्त नींद न लेने से सर्वाइकल पेन होता है। खासकर आईटी पेशेवरों में यह बीमारी बड़े पैमाने पर देखने को मिलती है, जो लंबे समय तक सीटिंग जॉब करते हैं।</p>
<p>उधर, अगर इसके उपचार की बात करें, तो चिकित्सक इसके पीछे की वजह बताते हुए कहते हैं कि सबसे पहले आपको यह पता लगाना होगा कि आपको किस वजह से सर्वाइकल पेन हो रहा है, क्योंकि कई मामलों में ऐसा देखने को मिलता है कि दर्द की वजह अलग-अलग हैं। उस हिसाब से आपके लिए उपचार का मार्ग प्रशस्त होगा।</p>
<p>अगर खराब अवस्था में बैठने की वजह से सर्वाइकल पेन हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में मरीज को बिना देर किए अपने बैठने की अवस्था में बदलाव करना होगा। इस बात की बहुत संभावना है कि इससे मरीज को राहत मिले।</p>
<p>इसके अलावा, नियमित तौर पर व्यायाम करें, ताकि दर्द से निजात मिले, क्योंकि आमतौर पर शरीर के किसी भी अंग में दर्द व्यायाम के अभाव में भी देखने को मिलता है। वहीं, यह दर्द गंभीर रूप अख्तियार कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उनके सुझावों का पालन करना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आइए जानें, युवाओं में क्‍यों में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/let-us-know-why-the-cases-of-heart-attack-are-increasing-among-the-youth</link>
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<description><![CDATA[ पहले हार्ट अटैक के मामले अधिक उम्र के लोगों में ही देखने को मिलते थे, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह जिस तेजी के साथ युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है, उसकी वजह से भारत का हर दूसरा युवा इससे चिंतित है। हर युवाओं के जेहन में महज यही सवाल रहता है ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 14:10:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Purohit Aaryan</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> पहले हार्ट अटैक के मामले अधिक उम्र के लोगों में ही देखने को मिलते थे, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह जिस तेजी के साथ युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है, उसकी वजह से भारत का हर दूसरा युवा इससे चिंतित है। हर युवाओं के जेहन में महज यही सवाल रहता है कि आखिर अपनी जीवन शैली में ऐसे कौन से फेरबदल करें, जिससे हार्ट अटैक से खुद को महफूज रखा जा सके।</p>
<p>डॉक्टर बताते हैं कि प्राय: ब्लड फ्लो कम होने या अवरुद्ध होने की वजह से हार्ट अटैक के मामले युवाओं में देखने को मिलते हैं। इस तरह की स्थिति तब पैदा होती है, जब कोरोनरी धमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है।</p>
<p>चिकित्सकीय भाषा में इस जमाव को ‘प्लाक’ कहा जाता है। प्लाक का जमा होना धमनियों को संकीर्ण कर सकता है। इससे ब्लड फ्लो कम होता है। इसी वजह से हार्ट अटैक के मामले युवाओं में देखने को मिलते हैं।</p>
<p><strong>डॉक्टर हार्ट के पीछे की कई वजह बताते हैं।</strong></p>
<p>आमतौर पर युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा खराब जीवन शैली, व्यायाम का अभाव, तैलीय पदार्थ का सेवन, जंक फूड के खाने से बढ़ सकता है। नींद की कमी के कारण भी युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ सकते हैं।</p>
<p>डॉक्टर बताते हैं कि अगर आप प्रतिदिन आधे घंटे एक्सरसाइज करें, तो इससे आप हार्ट अटैक को खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। अपने आहार में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज का इस्तेमाल करें और धूम्रपान, शराब और सिगरेट का सेवन करने से गुरेज करें, क्योंकि इस तरह के पदार्थों के सेवन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p>वहीं, नींद का अभाव भी हार्ट के खतरे को बढ़ाता है। लिहाजा प्रतिदिन 7-8 घंटे नींद प्रत्येक व्यक्ति को लेना अनिवार्य है। इसके अलावा, समय-समय पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे टेस्ट कराते रहिए, इससे आपको अपनी स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में पता रहेगा।</p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आयुर्वेद में काली हल्दी के कई फायदे, कैंसर के इलाज में भी मददगार</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/black-turmeric-has-many-benefits-in-ayurveda-it-is-also-helpful-in-treating-cancer</link>
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<description><![CDATA[ हल्दी अपने औषधीय गुणों से भरी हुई है। यह एक तरह से एंटीबायोटिक व एंटी सेप्टिक होती है। आपने अक्सर अपने घरों में सुना होगा कि अगर चोट लगी है या कमजोरी आ रही है, शरीर के किसी हिस्से में दर्द हो रहा है ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Sep 2024 03:02:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> हल्दी अपने औषधीय गुणों से भरी हुई है। यह एक तरह से एंटीबायोटिक व एंटी सेप्टिक होती है। आपने अक्सर अपने घरों में सुना होगा कि अगर चोट लगी है या कमजोरी आ रही है, शरीर के किसी हिस्से में दर्द हो रहा है, तो हल्दी वाला दूध पी लो, सब सही हो जाएगा।</p>
<p>वैसे तो पीली हल्‍दी के अपने आप में कई सारे गुण है, मगर बात अगर काली हल्दी की करें, तो यह बेहद चमत्‍कारिक है। इसके फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे।</p>
<p>आयुर्वेद में काली हल्दी के गुणों को जानने के लिए आईएएनएस ने त्रियान्यास हेल्थ मंत्र की संस्थापक, आयुर्वेद सलाहकार डॉ. पूर्णिमा बहुगुणा से बात की।</p>
<p>डॉ. पूर्णिमा बहुगुणा ने बताया, ''काली हल्‍दी बंगाल में सबसे ज्‍यादा पाई जाती है। इसके अलावा यह उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्यों और मध्‍य प्रदेश में भी उगाई जाती है। यह खांसी, दमा, और निमोनिया की बीमारी में तो काम आती ही है। इसके अलावा यह टीबी के इलाज में भी मददगार होती है। ''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, '' यह इम्यून सिस्टम सही रखने के साथ कई तरह की गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी मदद करती है। मगर जो चीज इसे बेहद खास बनाती है, वह यह है कि यह कैंसर के इलाज में भी बेहद फायदेमंद होती है।''</p>
<p>इसके फायदों पर बा‍त करते हुए डॉ. पूर्णिमा बताया, '' साधारण अदरक का करक्यूमिन लेवल केवल एक प्रतिशत होता है। वहीं काली हल्‍दी का करक्यूमिन लेवल 10.5 प्रतिशत होता है, जो इसे बेहद गुणकारी बनाता है। इसके चलते यह कैंसर, टीवी, अर्थराइटिस, लंग्स इन्फेक्शन और निमोनिया के इलाज में काम आती है।''</p>
<p>उन्‍होंने बताया, ''काली हल्‍दी बेहद गर्म होती है, जिनको पित्त संबंधी रोग होते हैं, उनके लिए भी यह बेहद फायदेमंद होती है। यह गॉलब्लैडर, बांझपन जैसी समस्‍याओं में भी काम करती है, लेक‍िन इसका सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।</p>
<p>उन्‍होंने कहा कि यह टूटी हड्डी जोड़ने के साथ घांवों को भरने में भी मदद करती है। यह मोच को जल्‍दी से ठीक कर देती है। इतने सारे गुण होने की वजह से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्‍यादा है।</p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंसुलिन रेजिस्टेंस से महिलाओं में समय से पहले मौत की आशंका : शोध</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/risk-of-premature-death-in-women-due-to-insulin-resistance-research</link>
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<description><![CDATA[ एक शोध में पता चला है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से विभिन्न तरह की 31 बीमारियां हो सकती हैं, जिसके कारण महिलाओं में जल्दी मौत का खतरा बना रहता है। ]]></description>
<enclosure url="https://www.swarajyatimes.in/uploads/images/202409/image_870x580_66de4ea928d77.jpg" length="229914" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 09 Sep 2024 13:06:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : </strong>एक शोध में पता चला है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से विभिन्न तरह की 31 बीमारियां हो सकती हैं, जिसके कारण महिलाओं में जल्दी मौत का खतरा बना रहता है।</p>
<p>इंसुलिन रेजिस्टेंस को पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, मगर ऐसा माना जाता है कि अधिक वजन और कोई शारीरिक गतिविधि न होना इसकी वजह हैं।</p>
<p>इस पर जानकारी जुटाने के लिए चीन के शांडोंग प्रांतीय अस्पताल में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के जिंग वू और उनके सहयोगियों ने यूके बायो बैंक के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें ब्रिटेन के पांच लाख से अधिक लोगों द्वारा उपलब्ध कराई गई आनुवांशिक चिकित्सा और जीवनशैली संबंधी जानकारी शामिल है।</p>
<p>प्रत्येक प्रतिभागी के रक्त में शक्कर और वसा (कोलेस्ट्रॉल सहित) के स्तर को उनके टीवाईजी इंडेक्स की गणना के लिए उपयोग किया गया था, जिससे पता चलता है कि शरीर में कितना इंसुलिन रेजिस्टेंस है।</p>
<p>टीवाईजी इंडेक्स स्कोर 5.87 से 12.46 यूनिट तक थे, जिसका औसत स्कोर 8.71 यूनिट था।</p>
<p>डायबिटोलोजिया पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि अध्ययन के आरंभ में जिन प्रतिभागियों का टीवाईजी स्कोर अधिक था और इसलिए उनमें इंसुलिन रेजिस्टेंस का स्तर ज्यादा था, वे आमतौर पर पुरुष, वृद्ध, कम सक्रिय, धूम्रपान करने वाले और मोटापे से ग्रस्त थे।</p>
<p>प्रतिभागियों के स्वास्थ्य पर 13 साल तक नजर रखने वाले शोधकर्ताओं ने 31 बीमारियों के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस का संबंध स्थापित किया।</p>
<p>इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से 26 बीमारियों के विकसित होने का उच्च जोखिम पाया गया, जिसमें नींद संबंधी विकार, जीवाणु संक्रमण और पैंक्रियाटाइटिस शामिल हैं।</p>
<p>महिलाओं में, इंसुलिन रेजिस्टेंस में हर एक यूनिट की वृद्धि के साथ अध्ययन अवधि के दौरान मरने का खतरा 11 प्रतिशत अधिक था।</p>
<p>इससे पता चला कि महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस सभी कारणों से होने वाली मृत्यु दर से जुड़ा है। पुरुषों के लिए कोई संबंध नहीं पाया गया।</p>
<p>शोध के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण नींद की समस्या होने का खतरा 18 प्रतिशत, बैक्टीरियल संक्रमण होने का आठ प्रतिशत और पैंक्रियाटाइटिस होने का खतरा 31 प्रतिशत बढ़ जाता है।''</p>
<p>वू ने कहा, "हमने दिखाया है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की डिग्री का आकलन करके उन व्यक्तियों की पहचान संभव है जो मोटापे, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गठिया, साइटिका और कुछ अन्य बीमारियों के जोखिम से जूझ रहे हैं।''</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मेनोपॉज दौर ​​से गुजर रही महिलाओं को हृदय रोग का खतरा : शोध</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/women-going-through-menopause-are-at-risk-of-heart-disease-research</link>
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<description><![CDATA[ एक शोध से यह बात सामने आई है कि मेनोपॉज काल ​​से गुजर रही महिलाओं में ऐसे बदलाव होने की संभावना है जो उनके हृदय के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मेनोपॉज और महिलाओं की लिपिड प्रोफाइल में एक कनेक्शन देखा गया है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Aug 2024 13:42:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>web desk</dc:creator>
<media:keywords>Menopause, Heart Disease, Lipid Profile, Cardiovascular Risk</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> एक शोध से यह बात सामने आई है कि मेनोपॉज काल ​​से गुजर रही महिलाओं में ऐसे बदलाव होने की संभावना है जो उनके हृदय के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मेनोपॉज और महिलाओं की लिपिड प्रोफाइल में एक कनेक्शन देखा गया है।</p>
<p>ऐसे मिथक हैं कि हृदय रोग (सीवीडी) सिर्फ पुरुषों का रोग है। मगर यह महिलाओं में होने वाली मौतों का 40 प्रतिशत कारण माना जाता है, जिससे यह आज महिलाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण बन गया है।</p>
<p>हालांकि महिलाओं को आमतौर पर पुरुषों की तुलना में 10 साल बाद हृदय रोग का खतरा होता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद उन्हें हृदय रोग होने का जोखिम अधिक होता है।</p>
<p>यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर, यू.एस.में अध्ययन की लेखिका डॉ. स्टेफनी मोरेनो ने कहा, ''मेनोपॉज के दौरान और उसके बाद एल.डी.एल. की मात्रा में बढ़ोतरी और एच.डी.एल. में कमी होती है।''</p>
<p>यह स्थिति हृदय रोग से जुड़ी होती है। जिससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसे हृदय रोग होने का जोखिम बढ़ जाता है।</p>
<p>शोध में 1,246 प्रतिभागियों ने भाग लिया और शोधकर्ताओं ने न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस (एनएमआर) प्रौद्योगिकी का उपयोग किया।</p>
<p>मोरेनो ने कहा, '' हमने पाया कि मेनोपॉज की वजह से लिपोप्रोटीन प्रोफाइल में प्रतिकूल परिवर्तन देखे गए हैं। जिसमें सबसे अधिक स्पष्ट परिवर्तन एलडीएल पार्टिकल्स में बढ़ोतरी है।'</p>
<p>टीम ने कहा कि इन निष्कर्षों से मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में हृदय रोग के बढ़ने की व्याख्या करने में मदद मिल सकती है, तथा यह निर्धारित करने में भी मदद मिल सकती है कि क्या इसमें पहले ही हस्तक्षेप की आवश्यकता है।</p>
<p>यह निष्कर्ष 30 अगस्त से 2 सितंबर तक यूके में होने वाली यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ईएससी) कांग्रेस 2024 की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वायरल वीडियो: ढोल की धुन पर थिरका ये मासूम, डांस मूव्स ने मचाया तहलका!</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/viral-video-this-innocent-boy-danced-to-the-tune-of-the-drum-his-dance-moves-created-a-stir</link>
<guid>https://www.swarajyatimes.in/viral-video-this-innocent-boy-danced-to-the-tune-of-the-drum-his-dance-moves-created-a-stir</guid>
<description><![CDATA[ शादी-ब्याह में नाच-गाना आम बात है, लेकिन जब कोई मासूम बच्चा पूरे जोश के साथ डांस करता है, तो वो सबका दिल जीत लेता है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटा सा बच्चा ढोल की धुन पर जमकर डांस करता हुआ दिख रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Jun 2024 14:17:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Purohit Aaryan</dc:creator>
<media:keywords>Viral Video, BoyDance, Wedding Ceremony, Social Media</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-sourcepos="3:1-3:278"><strong>नई दिल्ली :</strong> शादी-ब्याह में नाच-गाना आम बात है, लेकिन जब कोई मासूम बच्चा पूरे जोश के साथ डांस करता है, तो वो सबका दिल जीत लेता है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटा सा बच्चा ढोल की धुन पर जमकर डांस करता हुआ दिख रहा है.</p>
<blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned="" data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/C8OrDTuPgY7/?utm_source=ig_embed&amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style="background: #FFF; border: 0; border-radius: 3px; box-shadow: 0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width: 540px; min-width: 326px; padding: 0; width: calc(100% - 2px);">
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<p style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; line-height: 17px; margin-bottom: 0; margin-top: 8px; overflow: hidden; padding: 8px 0 7px; text-align: center; text-overflow: ellipsis; white-space: nowrap;"><a href="https://www.instagram.com/reel/C8OrDTuPgY7/?utm_source=ig_embed&amp;utm_campaign=loading" style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; font-style: normal; font-weight: normal; line-height: 17px; text-decoration: none;" target="_blank" rel="noopener">A post shared by Mohd Rizwan (master ) (@rg_write_786)</a></p>
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</blockquote>
<p>
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</p>
<p data-sourcepos="5:1-5:313">वीडियो में देखा जा सकता है कि गांव के किसी समारोह में एक बच्चा मैरून रंग के पठानी कुर्ते में ढोल की थाप पर थिरक रहा है. जैसे-जैसे ढोल की बीट तेज होती है, बच्चे का उत्साह भी बढ़ता जाता है और वो अपने डांस मूव्स से सबको हैरान कर देता है. बच्चे की मासूमियत और उसके डांस मूव्स का ये मिश्रण लोगों को खूब पसंद आ रहा है.</p>
<p data-sourcepos="7:1-7:189">इस वीडियो को rg_write_786 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं. लोग इस नन्हे डांसर की जमकर तारीफ कर रहे हैं और उसके टैलेंट की सराहना कर रहे हैं.</p>
<p><strong>बन रहा इंस्पीरेशन</strong></p>
<p>इस वीडियो ने न केवल लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि यह बच्चा हमें सिखाता है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, अगर हम अपने हुनर को निखारें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें तो कुछ भी असंभव नहीं है. उसकी मासूमियत और नाचने का जुनून हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आ रहा है. "छोटू डांसर" का यह वीडियो एक उदाहरण है कि इंटरनेट पर किसी भी समय कुछ भी वायरल हो सकता है. यह वीडियो हमें यह सिखाता है कि टैलेंट किसी उम्र या स्थिति का मोहताज नहीं होता. बस जरूरत होती है तो सही प्लेटफॉर्म और प्रोत्साहन की.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या आप भी देर रात तक चलाते हैं स्मार्टफोन? तो हो जाएं सावधान</title>
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<description><![CDATA[ स्मार्टफोन हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है, पढ़ाई, मीटिंग, ऑफिशियल वर्क ये सारे काम आजकल फोन से ही हो रहे है कुल मिलाकर स्मार्टफोन ने हमारे जीवन को अपनी जंजीर की कड़ी में जकड़ कर रखा है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 21:21:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>Health Tips, Lifestyle, SmartPhone</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्मार्टफोन</strong> हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है, <strong>पढ़ाई, मीटिंग, ऑफिशियल वर्क </strong>यह सारे काम आजकल फोन से ही हो रहे है कुल मिलाकर स्मार्टफोन ने हमारे जीवन को अपनी <strong>जंजीर की कड़ी </strong>में जकड़ कर रखा है, <strong>दिन-रात चलते-फिरते </strong>हम मोबाइल का ही इस्तेमाल करते रहते हैं लेकिन आपको बता दे कि, सबसे ज्यादा नुकसान रात के समय फोन चलाने से होता है। अगर आप भी रात में सोने से पहले घंटो <strong>मोबाईल फोन</strong> का यूज करते हैं तो आज से ही अपनी इस आदत को सुधार लीजिए वरना आपको कई सारी <strong>समस्याओं</strong> से गुजरना पड़ सकता है तो आइए जानते है उन <strong>समस्याओं </strong>के बारे में जो रात में मोबाईल चलाने से होती है।</p>
<p><strong>आंखों को नुकसान </strong></p>
<p>जब हम<strong> मोबाइल फोन</strong> चलाते हैं तब हमारी पलकें कम झपकती है और <strong>ब्लू लाइट</strong> का ज्यादा <strong>एक्सपोजर रेटिना</strong> की <strong>सेंसिटिव कोशिकाओं</strong> को नुकसान पहुंचाता है जिससे आंखों में <strong>दर्द, सूखापन, और खुजली </strong>की समस्या होती है।</p>
<p><strong>स्ट्रेस और सिर दर्द</strong></p>
<p>देर रात तक मोबाइल चलाने से हमारे बॉडी में <strong>मेलाटोनिन हार्मोन </strong>का लेवल कम हो जाता है जिसकी वजह से हमें <strong>स्ट्रेस व सिर दर्द</strong> भी हो सकता है।</p>
<p><strong>सर्वाइकल की समस्या</strong></p>
<p>स्मार्टफोन चलाते समय झुककर बैठने से <strong>सर्वाइकल </strong>की दिक्कत और हमारी आंखों के नीचे <strong>काले घेरे</strong> बन जाते हैं।</p>
<p><strong>अनिंद्रा की समस्या</strong></p>
<p>देर रात तक मोबाइल चलाने से बॉडी में <strong>मेलाटोनिन हार्मोन</strong> की कमी हो जाती है और हमें नींद नहीं आती, नींद न आने की वजह से हमें थकान महसूस होने लगती है।</p>
<p><strong>बचाव के तरीके</strong></p>
<ul>
<li>मोबाइल चलाते समय <strong>स्क्रीन ब्राइटनेस </strong>को कम करें साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि स्मार्टफोन पर <strong>टेक्स्ट का साइज </strong>मीडियम में हो। </li>
<li>स्मार्टफोन में <strong>डार्क मोड</strong> को हमेशा ऑन करके रखें क्योंकि <strong>डार्क मोड</strong> से आंखों पर ज्यादा लाइट का प्रभाव नहीं पड़ता है। </li>
<li>स्मार्टफोन को यूज करने के बजाय <strong>खेलकूद, योग </strong>में ज्यादा समय बिताएं क्योंकि <strong>एक्सरसाइज </strong>करने से <strong>स्ट्रेस</strong> कम होता है। </li>
<li>अपने <strong>परिवार</strong> और <strong>बच्चों </strong>के साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।</li>
<li>देर रात तक <strong>मोबाइल </strong>फोन को ना चलाएं।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>झड़ते हुए बालों से छुटकारा पाने के लिए करें यह उपाय</title>
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<description><![CDATA[ रोजाना की दिनचर्या में बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या से हर एक इंसान परेशान है चाहे वो महिला हो या पुरुष हर कोई आजकल बालों के झड़ने को कम करने के लिए उपाय खोज रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 00:47:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>Lifestyle, Health Tips, Hair Fall, Green Tea Pack, Aloe Vera Gel</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रोजाना की दिनचर्या में <strong>बाल झड़ने </strong>और <strong>गंजेपन</strong> की समस्या से हर एक इंसान परेशान है चाहे वो <strong>महिला हो या पुरुष</strong> हर कोई आजकल <strong>बालों के झड़ने</strong> को कम करने के लिए उपाय खोज रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम अपने <strong>बालों को झड़ने</strong> से कैसे रोक सकते है तो आइए जानते है कुछ उपायों के बारे में।</p>
<p><strong>रोजाना इस तरह करें बालों की देखभाल</strong></p>
<p>बालों की देखभाल के लिए हमें हफ्ते में दो बार <strong>बालों को धुलना</strong> चाहिए और <strong>बालों में डेली तेल</strong> लगाना चाहिए जिससे<strong> बालों का टूटना</strong> कम हो जाता है। <strong>हेल्दी डाइट</strong> लेने से भी <strong>बालों का टूटना </strong>कम होता है, अपनी डाइट में <strong>प्रोटीन और हरी सब्जियों</strong> को शामिल करें।</p>
<p><strong>एलोवेरा का उपयोग कर बालों को बनाएं मजबूत</strong></p>
<p>बालों में <strong>प्याज के तेल</strong> को लगाने से <strong>झड़ते हुए बाल</strong> एक बार फिर से वापस आ जाते है आमतौर पर लोग <strong>एलोवेरा </strong>का इस्तेमाल <strong>चेहरे की खूबसूरती</strong> को बढ़ाने के लिए करते हैं लेकिन क्या आप जानते है कि <strong>एलोवेरा</strong> कि मदद से <strong>बाल झड़ने </strong>की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। इतना ही नहीं इसकी मदद से बालों के <strong>रूखेपन, डैंड्रफ</strong> होने जैसी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है, इसका इस्तेमाल करने से <strong>बाल घने, मजबूत</strong> और <strong>काले</strong> हो जाते हैं।</p>
<p><strong>ग्रीन टी पैक का उपयोग कर बालों को बनाएं घना</strong></p>
<p><strong>ग्रीन टी</strong> पीने से शरीर को काफी ज्यादा फायदा होता है यह <strong>शरीर के फैट </strong>को भी कम करता है, लेकिन आपको बता दें कि <strong>ग्रीन टी </strong>की मदद से <strong>झड़ते हुए बालों</strong> से भी छुटकारा पाया जा सकता है जी हां आपको बता दें कि <strong>ग्रीन टी</strong> में कुछ ऐसे <strong>औषधीय गुण</strong> पाए जाते हैं जो <strong>बालों को मजबूत </strong>बनाने तथा इसे झड़ने से रोकने का काम करते हैं। अगर आप भी अपने <strong>झड़ते हुए बालों </strong>से निजाद पाना चाहते है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, सबसे पहले <strong>दो या तीन टी बैग्स </strong>को <strong>तीन से चार गिलास पानी </strong>में डालकर कुछ समय तक गर्म करें जब यह अच्छी तरह से गर्म हो जाए तब इसे ठंडा करके उस पानी से अपने <strong>बालों को धोएं </strong>इससे आपको <strong>झड़ते हुए बालों</strong> से छुटकारा मिल जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मियों के मौसम में सर्दी&#45;खांसी, लू, जैसी बीमारियों से बचने के लिए करें ये उपाय</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों के मौसम का आगमन हो चुका है। इस मौसम में जहां ठंडी-ठंडी हवाएं मौसम के मिजाज को खुशनुमा बना देती हैं, तो वहीं यह गर्मियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियों को भी अपने साथ लेकर आता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 16 Apr 2024 22:04:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>Lifestyle, Summer, Health, Skin Care, Coconut Water, weight loss, Healthy Food</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मियों के मौसम का आगमन हो चुका है। इस मौसम में जहां <strong>ठंडी-ठंडी</strong> हवाएं मौसम के मिजाज को खुशनुमा बना देती हैं, तो वहीं यह गर्मियों का मौसम अपने साथ कई तरह की <strong>बीमारियों </strong>को भी अपने साथ लेकर आता है, जिसकी वजह से अक्सर लोग <strong>लू, सर्दी-खांसी </strong>और <strong>जुकाम</strong> जैसे रोगों का शिकार हो जाते हैं, ऐसे में इन बीमारियों से बचने के लिए कई लोग अपनी <strong>डाइटस् </strong>में कई सारे फूड्स को शामिल करते है। तो आइए जानते है इन <strong>रोगों</strong> से बचने के लिए हम अपने <strong>खानपान</strong> में किन <span>हेल्दी फूड </span>का उपयोग करें।</p>
<p><strong>त्वचा को बनाएं हेल्दी </strong></p>
<p>गर्मी के इस मौसम में गर्म हवाएं अक्सर <strong>त्वचा को रूखा</strong> कर देती है,  ऐसे में रोजाना <strong>हल्के गुनगुने पानी </strong>के साथ <strong>घी </strong>खाने से <strong>बॉडी</strong> को <strong>एनर्जी</strong> मिलती है, घी में <strong>विटामिन</strong> भरपूर मात्रा में होता हैं, जिसके नियमित सेवन से आपकी त्वचा का <strong>नेचुरल ग्लो </strong>बढ़ता है और स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।</p>
<p><strong>मोटापे को करें कम</strong></p>
<p>रोजाना की <strong>भागदौड़ भरी जिंदगी </strong>में अक्सर लोग अपने <strong>मोटापे</strong> से परेशान रहते है, अगर आपको भी अपना वेट लॉस करना है तो सबसे पहले <strong>जंक फूड </strong>को नजरअंदाज करना होगा क्योंकि <strong>जंक फूड </strong>का सेवन करने से वजन बढ़ता है। वजन को कम करने के लिए आप <strong>वेट लॉस ड्रिंक</strong> का सेवन करें इस ड्रिंक को बनाने के लिए <strong>अदरक, जीरा, दालचीनी, सौंफ, अजवाइन</strong> का प्रयोग करें, इससे आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी।   </p>
<p><strong>नारियल पानी का सेवन</strong></p>
<p>गर्मी के सीजन में ज्यादातर लोगों को शरीर में<strong> पानी की कमी</strong> हो जाती है जिससे लोगों को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है बॉडी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना हमें <strong>7 से 8 लीटर</strong> <strong>पानी</strong> और <strong>नारियल पानी</strong> का सेवन करना चाहिए।</p>
<p><strong>फल और हरी सब्जियों का सेवन</strong></p>
<p><strong>मौसमी फल</strong> और <strong>हरी सब्जियों</strong> को डेली खाना चाहिए, क्योंकि ये<strong> पोषक तत्वों</strong> से भरपूर होते हैं फल और <strong>हरी सब्जियां </strong>हमें बीमारियों से बचाने में मदद करती है, आपको बता दें कि मौसमी फल और सब्जियों में <strong>केमिकल</strong> की मात्रा कम होती है।<br> </p>
<p></p>
<p></p>
<p><br> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला &amp;apos;कल्पना चावला&amp;apos; की इंस्पायरिंग कहानी</title>
<link>https://www.swarajyatimes.in/inspiring---story---of--kalpana---chawla--the---first-woman-to-go-to-space</link>
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<description><![CDATA[ कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को  करनाल में हुआ था। जिन्होंने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी, छोटी सी उम्र में ही कल्पना को उड़ान भरने का शौक था, भारत में अपनी प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने के बाद कल्पना ने इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और बाद में अंतरिक्ष यात्री बनने के सपने को पूरा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका चली गईं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Apr 2024 22:10:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>The Space Girl, Kalpana Chawla, Life Story, Space, Astronaut</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><br><strong>The Space Girl:</strong> कल्पना चावला का जन्म <strong>17 मार्च 1962 </strong>को  करनाल में हुआ था। जिन्होंने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। छोटी सी उम्र में ही कल्पना को उड़ान भरने का शौक था। भारत में अपनी प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने के बाद कल्पना ने इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और बाद में अंतरिक्ष यात्री बनने के सपने को पूरा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका चली गईं। उन्होंने <strong>एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस</strong> की डिग्री में पीएचडी की। <strong>1994</strong> में कल्पना नासा में शामिल हुईं और अपने कौशल और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए कठिन प्रशिक्षण का अभ्यास किया। आपको बता दें कि कल्पना को सफलता 1997 में मिली थी, जब उन्होंने एक मिशन विशेषज्ञ के रूप में <strong>अंतरिक्ष शटल कोलंबिया</strong> में उड़ान भरी और देश में अपनी अलग पहचान बनाई । </p>
<p><strong>स्पेस शटल में कैसे हुई थी कल्पना चावला की मौत</strong></p>
<p><strong>2003 </strong>में  कल्पना ने फिर से <strong>अंतरिक्ष शटल कोलंबिया</strong> पर सवार होकर अपनी दूसरी अंतरिक्ष उड़ान शुरू की। दुख की बात यह है, इस मिशन में कल्पना चावला सहित उनके सभी साथी की मृत्यु हो गई और यह दुखद घटना <strong>1 फरवरी  2003 </strong>को घटी और इस दुखद घटना ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना से उन सभी के दिलों में डर बैठ गया जो उनके साहस और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते थे। हालांकि कल्पना की विरासत अभी जीवित है। जो उनके सपनों के प्रति समर्पण उनका जुनून अनगिनत व्यक्तियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उनकी स्मृति में देश के युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता हैं। भारत के एक छोटे से शहर से सितारों तक की कल्पना चावला की यात्रा <strong>सपनों की शक्ति और मानव दृढ़ संकल्प</strong> की क्षमता का कार्य करती है। उनके जीवन की कहानी हमें यह याद दिलाती है, कि <strong>कोई भी बाधा इतनी बड़ी नहीं होती जिससे हम अपनी मंजिल को हासिल न कर सके</strong>।</p>]]> </content:encoded>
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<title>विवाह संस्कार में कन्यादान आवश्यक नहीं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय</title>
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<description><![CDATA[ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया फैसले ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार, कन्यादान समारोह हिंदू विवाह की मान्यता के लिए एक आवश्यक घटक नहीं है।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अधिनियम की धारा 7 केवल सप्तपदी को हिंदू विवाह में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान के रूप में निर्दिष्ट करती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 09 Apr 2024 08:29:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mithilesh kumar Sinha</dc:creator>
<media:keywords>Kanyadaan, Hindu Marriage, Allahabad High Court, Dowry, Gender Equality, Women&#039;s Rights, Landmark Judgement</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span><strong>नई दिल्ली :</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया फैसले ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार, कन्यादान समारोह हिंदू विवाह की मान्यता के लिए एक आवश्यक घटक नहीं है।</span></p>
<p><span>न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अधिनियम की धारा 7 केवल सप्तपदी को हिंदू विवाह में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान के रूप में निर्दिष्ट करती है।</span></p>
<p><span>अदालत ने गवाहों को वापस बुलाने के लिए सीआरपीसी की धारा 311 के तहत एक आवेदन को ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज करने को चुनौती देने वाली एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को संबोधित किया।</span></p>
<p><span>याचिका में एक गवाह के मुख्य परीक्षण और जिरह के बीच उसके बयानों में विरोधाभास का दावा किया गया है, जिसके लिए पुन: परीक्षण के माध्यम से स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।</span></p>
<p><span>हालाँकि, अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि गवाह के बयान की विसंगतियाँ अकेले सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाह को वापस बुलाने की गारंटी नहीं देती हैं। इसने कन्यादान समारोह की घटना के संबंध में विवाह प्रमाणपत्र में अस्पष्टता के संबंध में याचिकाकर्ता के तर्क को ट्रायल कोर्ट द्वारा स्वीकार किए जाने पर गौर किया।</span></p>
<p><span>फिर भी, उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सीआरपीसी की धारा 311 केवल तभी गवाहों को बुलाने की अनुमति देती है जब किसी मामले के उचित समाधान के लिए यह आवश्यक हो, न कि केवल कन्यादान समारोह की उपस्थिति स्थापित करने के लिए।</span></p>
<p><span>अदालत ने दृढ़ता से कहा कि यह निर्धारित करना कि कन्यादान हुआ या नहीं, मामले के उचित समाधान के लिए अप्रासंगिक है और इस प्रकार, सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाहों को बुलाना उचित नहीं है। इसने सीआरपीसी की धारा 311 के तहत अदालत की शक्ति के आकस्मिक प्रयोग के प्रति आगाह किया और निष्पक्ष सुनवाई और न्यायपूर्ण मामले के समाधान को सुनिश्चित करने के लिए इसकी आवश्यकता पर जोर दिया।</span></p>]]> </content:encoded>
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