मोगा में प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग: दो घायल; सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डाल हमलावरों ने ली जिम्मेदारी

पंजाब के मोगा में बाइक सवार बदमाशों ने दो प्रवासी मजदूरों को गोली मार दी। हमलावरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर जिम्मेदारी ली है।

Feb 11, 2026 - 07:54
मोगा में प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग: दो घायल; सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डाल हमलावरों ने ली जिम्मेदारी

मोगा (पंजाब): पंजाब के मोगा जिले के जीरा रोड इलाके में सोमवार रात एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई, जहां बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर प्रवासी मजदूरों पर गोलियां चला दीं। इस हमले में दो मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

घायलों की पहचान अशोक कुमार और सुबोध के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर रात को भोजन करने के बाद अपने ठिकाने की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। हमले में अशोक कुमार के घुटने में गोली लगी, जबकि सुबोध के पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई है।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को मोगा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

वायरल वीडियो की जांच जारी

घटना के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें लाडी भलवान और निरवेर सिंह नामक युवकों ने कथित तौर पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। वीडियो में बाहरी राज्यों से आए मजदूरों को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां भी की गई हैं।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। साइबर सेल की मदद से वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीडियो असली है या भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने दावा किया है कि संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। साथ ही, घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना राज्य में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा करती है। पंजाब के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए मजदूर कार्यरत हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर विचार किया जा रहा है।