वन एवं जल संसाधन मंत्री ने किया कोसारटेडा ईको-टूरिज्म रिसोर्ट का भूमिपूजन, बस्तर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने आज कोसारटेडा सिंचाई जलाशय में 03 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे ईको-टूरिज्म रिसोर्ट का भूमिपूजन किया।

Aug 12, 2024 - 13:58
वन एवं जल संसाधन मंत्री ने किया कोसारटेडा ईको-टूरिज्म रिसोर्ट का भूमिपूजन, बस्तर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
वन एवं जल संसाधन मंत्री ने किया कोसारटेडा ईको-टूरिज्म रिसोर्ट का भूमिपूजन, बस्तर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

जगदलपुर : बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने आज कोसारटेडा सिंचाई जलाशय में 03 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे ईको-टूरिज्म रिसोर्ट का भूमिपूजन किया।

मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर में प्राकृतिक सौंदर्य, वन उत्पाद और वन संसाधनों की प्रचुरता है, और इन्हीं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बस्तर में होम स्टे, कैंपिंग, और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। कोसारटेडा जलाशय में सिंचाई सुविधाओं के साथ अब ईको-टूरिज्म हब का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे यहां के महिला स्व सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि कोसारटेडा जलाशय को स्वर्गीय बलीराम कश्यप के अथक प्रयासों से बनाया गया था। अब इसे पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बस्तर को पहले "कालापानी" के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह विकास और पर्यटन के लिए जाना जा रहा है।

कलेक्टर विजय दयाराम के. ने भी कार्यक्रम में कहा कि कोसारटेडा जलाशय पहले सिर्फ सिंचाई के लिए जाना जाता था, लेकिन अब इसे ईको-टूरिज्म के रूप में भी एक नई पहचान मिलेगी। बस्तर जिला में पहले चित्रकोट, तीरथगढ़, और कुटुमसर गुफा ही प्रमुख पर्यटन स्थल थे, लेकिन अब कोसारटेडा ईको-टूरिज्म भी एक अलग पहचान बनाएगा।

इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ वन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण किया और ग्रामीणों को पौधे वितरित किए।

सुविधाओं का होगा विस्तार:

कोसारटेडा ईको-टूरिज्म रिसोर्ट में 06 नेचुरल बम्बू कॉटेज, 04 लक्जरी विला टेंट, एक बम्बू से निर्मित रेस्टोरेंट, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, एडवेंचर रोप कोर्स, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं, गार्डन डेवलपमेंट, बम्बू गजेबो, लैंड स्केपिंग, लॉन ग्रास वर्क, सीमेंट आर्ट वर्क, स्टेच्यू आदि सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही, एप्रोच रोड और पार्किंग स्थल का भी निर्माण किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों के लिए इसे और आकर्षक बनाया जा सके।

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