मेयर सौरभ जोशी की पहली बैठक में हाई वोल्टेज ड्रामा: 'आप-कांग्रेस' पार्षदों के बीच जमकर नारेबाजी
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में पानी की किल्लत, सीवरेज और गऊशाला मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ। मेयर ने पार्षदों से शांति बनाए रखने की अपील की।
चंडीगढ़ : नए मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई नगर निगम की बैठक तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और लगातार हंगामे के कारण सुर्खियों में रही। पानी की आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, ट्रीटेड वाटर, गऊशाला प्रकरण और राजनीतिक गठबंधन जैसे मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कई बार पार्षद अपनी सीटें छोड़कर वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी के चलते कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
बुनियादी सुविधाओं पर घमासान
पार्षद कुलजीत सिंह संधू ने शहर में पब्लिक हेल्थ, सीवरेज और सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के निलंबन के बावजूद उनके वार्ड में कोई सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि सीवरेज जाम है, पानी की सप्लाई बाधित है और वी-रोड धंस चुकी है। हाल ही में एक स्कूल बस दुर्घटना से बाल-बाल बची, जो प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है।
इस पर मेयर सौरभ जोशी ने जवाब देते हुए कहा कि केवल फाइलें लेकर घूमने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि वार्डवार डाटा एकत्र कर समूहों में बैठकें आयोजित की जाएं। संधू ने प्रस्ताव रखा कि सात-सात वार्ड की संयुक्त बैठक हो और जब पार्षद संबंधित एसई से मिलें तो एसडीओ और जेई की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
ट्रीटेड वाटर और कूड़ा उठान का मुद्दा
पार्षद जसबीर बंटी ने नगर निगम को बढ़ी हुई ग्रांट मिलने पर बधाई दी। इस पर मेयर ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करने की बात कही। बंटी ने सेक्टर-36 में ट्रीटेड वाटर की आपूर्ति, हॉर्टिकल्चर वेस्ट और कूड़ा उठान की समस्या उठाई।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) उठान में कंपनी और किसानों की भूमिका होती है और भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बैठक के दौरान राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब आप पार्षदों ने कहा कि कांग्रेस का सांसद उनके समर्थन से बना है। इस पर कांग्रेस पार्षद पोस्टर लेकर खड़े हो गए, जिनमें गठबंधन टूटने को लेकर तंज कसा गया था।
दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी हुई। मेयर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन में ऐसे व्यक्ति का नाम न लिया जाए जो उपस्थित नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों से “कैट फाइट” बंद करने की अपील की।
डिप्टी मेयर के साथ भी बहस
डिप्टी मेयर सुमन शर्मा के कुर्सी संभालते ही एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। आप पार्षदों ने विरोध जताया, जिस पर सुमन शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी में रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले उन्हें सीख न दें।
बीजेपी पार्षद मनोज सोनकर ने मौली जागरां में दस दिन से पानी की सप्लाई बाधित होने का मुद्दा उठाया। विपक्षी पार्षदों ने भी प्रशासन को घेरा।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ट्यूबवेल मोटर खराब होने और अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने के मामले में सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह ने नाराजगी जताई। आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि संबंधित अधिकारी का नाम दिया जाए, तत्काल निलंबन किया जाएगा। नाम न दिए जाने पर क्षेत्र के जेई और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गऊशाला मुद्दे पर भी बवाल
बैठक की शुरुआत में गऊशाला प्रकरण पर भी कांग्रेस और आप पार्षद पोस्टर लेकर खड़े हो गए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। मेयर ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
लगातार हंगामे के चलते बैठक की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे महत्वपूर्ण एजेंडा प्रभावित हुआ। सदन की कार्यवाही के दौरान व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।