AAP का सनसनीखेज आरोप: 'जेफरी एपस्टीन से डेलिगेशन नहीं, बल्कि निजी तौर पर मिलते थे हरदीप पुरी'
आम आदमी पार्टी के अनुराग ढांडा ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने 2014-2017 के बीच जेफरी एपस्टीन से कई निजी बैठकें कीं। 'आप' ने इस्तीफे और जांच की मांग की।
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक प्रेस वार्ता में दावा किया कि हरदीप पुरी ने कुख्यात जेफरी एपस्टीन से मुलाकातों को लेकर "झूठा दावा" किया था। ढांडा के अनुसार, ये मुलाकातें किसी डेलिगेशन का हिस्सा नहीं बल्कि पूरी तरह व्यक्तिगत थीं।
मुलाकातों का ब्योरा और ईमेल का हवाला
अनुराग ढांडा ने मुलाकातों की एक पूरी टाइमलाइन पेश करते हुए दावा किया कि हरदीप पुरी और एपस्टीन के बीच अक्टूबर 2014 से मई 2017 के बीच कई बार निजी बैठकें हुईं। ढांडा ने आरोप लगाया कि:
• पुरी ने एपस्टीन के "द्वीप" (Island) का जिक्र ईमेल में किया था।
• एपस्टीन की सलाह को पुरी ने "लाभदायक" बताया था।
• ढांडा का सवाल है कि क्या एक अनुभवी राजनयिक होने के बावजूद पुरी को एपस्टीन के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं थी?
प्रधानमंत्री कार्यालय पर उठाए सवाल
'आप' ने इस मामले के तार सीधे पीएमओ से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एपस्टीन से कोई बातचीत हुई थी? ढांडा ने आरोप लगाया कि क्या एपस्टीन की सलाह पर किए गए कार्यों के "इनाम" के तौर पर पुरी को कैबिनेट में जगह मिली? उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
तत्काल इस्तीफे की मांग
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस प्रकरण की स्वतंत्र जांच पूरी नहीं होती, हरदीप सिंह पुरी को नैतिक आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।