Ambala में Plastic Bottle Factory में भीषण आग! लाखों का सामान जलकर खाक, Fire Brigade को आग पर काबू पाने में लगे 4 घंटे!
शनिवार देर रात अंबाला के साहा थाना क्षेत्र के गांव केसरी में एक प्लास्टिक बोतल बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री और गोदाम की सामग्री जलकर खाक हो गई।
शनिवार देर रात अंबाला के साहा थाना क्षेत्र के गांव केसरी में एक प्लास्टिक बोतल बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री और गोदाम की सामग्री जलकर खाक हो गई।
भारी नुकसान और कोई हताहत नहीं
सूत्रों के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। आग के कारण लाखों रुपए का नुकसान हुआ। फैक्ट्री में रखी तैयार प्लास्टिक बोतलें और कच्चा मटेरियल पूरी तरह जल गए।
फायर ब्रिगेड की टीम ने 4 घंटे में काबू पाया
स्थानीय लोगों ने जैसे ही आग की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर दौड़ीं। आग का दायरा बहुत बड़ा था, इसलिए अंबाला कैंट, बराड़ा और साहा से कुल छह दमकल वाहन पहुंचाए गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब चार घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
स्थानीय लोग भी पहुंचे मदद को
आग लगते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और दमकल कर्मियों की मदद करने लगे। कुछ लोगों ने फैक्ट्री के बाहर रखे सामान को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने की कोशिश की, ताकि नुकसान कम हो सके।
धमाके जैसी आवाजें और भय का माहौल
आग में प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील पदार्थ धधकने लगे, जिससे बार-बार धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। इससे आसपास के इलाके में डर का माहौल बन गया।
आग लगने का कारण – शॉर्ट सर्किट की आशंका
दमकल विभाग और पुलिस की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फैक्ट्री की विद्युत प्रणाली पुरानी थी और कर्मचारियों ने पहले भी सुरक्षा को लेकर चेतावनियां दी थीं। आग का सही कारण जानने के लिए अब विस्तृत जांच जारी है।
जिला प्रशासन ने किया निरीक्षण
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सुरक्षा कारणों से किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
गांव केसरी की इस फैक्ट्री में लगी आग ने ना केवल भारी आर्थिक नुकसान किया, बल्कि स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौती भी खड़ी कर दी। हालांकि, किसी के हताहत न होने की खबर ने राहत दी।